राजनीति

पांच सूत्री मांगों को लेकर जाप ने किया सड़क जाम

औरंगाबाद। जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) द्वारा 5 सूत्री मांगों को लेकर रफीगंज एसएच 31 रफीगंज से भाया मदनपुर देव सड़क जाम कर दिया गया जिसका नेतृत्व तत्कालीन प्रखण्ड अध्यक्ष अरविन्द कुमार भगत के नेतृत्व में किया गया। 5 सूत्री प्रमुख मांगों में सरकार एमएसपी कानून की गारंटी एवं बिहार में मंडी व्यवस्था लागू करें। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दे, वार्ड सचिव की नौकरी स्थाई करों एवं नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों की पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराओ सहित अन्य मांगें हैं।आंदोलनकारियों ने कहा कि बिहार में 96 फ़ीसदी जोत सीमांत एवं लघु किसानों की हैं जबकि 32 फ़ीसदी परिवार भूमिहीन है, बिहार सरकार ने मंडी व्यवस्था को खत्म कर प्रायमरी एग्रीकल्चर कोऑपरेटिव सोसायटी यानी पैक्स के द्वारा धान कुल उत्पादन का 30 से 40% ही खरीदी जाती हैं। यदि आपका धान बासमती किस्म का हो फिर भी आपको लगभग 18 से 40 प्रति क्विंटल प्राप्त होगा जिससे किसानों को लागत मूल्य भी नहीं निकल पाता है। उत्पादन का शेष धान लगभग 60 से 70% हिस्सें को को कम भाव में बेचने को मजबूर होते हैं। धान एवं गेहूं के अलावा बाजरा, मक्का, ज्वार, रागी, जौ, चना, अरहर, मूंग, उड़द, मसूर, सोयाबीन, सरसों, सूर्यमुखी, काला तिल, गन्ना, कपास, झूठ, तील और नारियल के लिए किसानों के पास कोई व्यवस्था ही नहीं हैं। मंडी को पहले ही समाप्त कर दिया गया है। इसलिए हमारी मांग है कि बिहार में एमएसपी एवं मंडी व्यवस्था को सरकार अविलंब लागू करें। कहा कि हर साल आने वाली बाढ़ से बिहार काफी परेशान है। बिहार के 38 जिला में से 15 जिला हमेशा बाढ़ से प्रभावित रहती है जबकि बिहार के कुल क्षेत्रफल का 7.7 4 % पर वन क्षेत्र अवस्थित है। नीति आयोग के बहू आयामी गरीबी सूचकांक एमपीआई के अनुसार बिहार में भारत के सबसे गरीब राज्य के रूप में उभरा है बिहार की कुल आबादी का 51.91% जनसंख्या गरीब है। बिहारियों के पास रोजगार नहीं है। फिर भी एनडीए की सरकार बिहार से लेकर दिल्ली तक स्थापित है। बिहार को विशेष राज्य की दर्जा देने के सवाल पर अंतर कलह का नाटक करती है। वक्तताओं ने आह्वान करते हुए कहा कि सरकार यदि हमारी मांगों को पूरा नहीं करती है तो किसानों के तर्ज पर दिल्ली से भी बड़ा आंदोलन बिहार में होगा। बिहार सरकार वार्ड क्रियान्वयन एवं एवं प्रबंधन समिति केे सचिव को 60 वर्ष के लिए इनकी सेवा बहाल करें और नवनिर्वाचित त्रिस्तरीय प्रतिनिधियों को उचित सुरक्षा व्यवस्था करें। विदित हो कि बिहार में अब तक दर्जज भर मुखिया एवं वार्ड सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधियोंं को अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी जबकि अभी नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को शपथ भी नहीं दिलाई गई तब तो यह हाल है बिहार केे त्रिस्तरीय जनप्रतिनिधि सशंकित एवं भयभीत हैं इन्हें किसी भी कीमत पर सरकार सुरक्षा दे नहीं तो आने वाले समय में बड़ी आंदोलन की जाएगी इस मौकेे पर आनंद कुमार, पप्पू कुमार, संजय कुमार, रमेश कुमार, संतोष कुमार, राकेश रोशन सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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