
मगध हेडलाइंस : औरंगाबाद। नए डीएम सुहर्ष भगत ने मंगलवार को जिले की कमान संभाल ली। वे 50 साल पुराने औरंगाबाद जिले के 49वें डीएम हैं। सुहर्ष भगत ने निवर्तमान जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल से पदभार ग्रहण किया। अब सौरभ जोरवाल बतौर डीएम पूर्वी चंपारण की कार्यभार संभालेंगे। मौके पर सुहर्ष भगत ने जिला मुख्यालय के पदाधिकारियों से मुलाकात कर उनके विभाग से जुड़ी जानकारियां भी लीं।
नए डीएम ने जिम्मेदार प्रशासन व पब्लिक के मुद्दों को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सरकार की जनहित की योजनाओं का समय सीमा में क्रियान्वयन के लिए पूरी कोशिश की जाएगी। सरकार की नीतियों के अनुरूप आम आदमी की समस्या को दूर करना उनकी प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।
डीएम ने अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों से सहयोग व समर्पण की भावना से काम करने की अपील की हैं तथा उन्हें कई जरूरी सुझाव भी दिए। सरकारी कार्यों के निष्पादन में जो भी कठिनाइयां उत्पन्न होगी, निःसंकोच और बिना विलंब किये हुए अधिकारी व कर्मी उनके साथ साझा करें।
सुहर्ष भगत 2015 बैच के आइएएस अधिकारी हैं। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने पांचवीं रैंक हासिल की थी। बतौर डीएम यह उनकी तीसरी पोस्टिग हैं। इसके पहले वह बांका और पूर्णिया जिले में अपनी सेवा दे चुके हैं।
बांका और पूर्णिया जिले में सुहर्ष की पहचान कड़क मिजाज आइएएस अधिकारी के रूप में रही। यही वजह है कि उनके पदभार संभालने के बाद कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों और कर्मियों में हड़कंप मच गया है। नए जिलाधिकारी के पदभार संभालने के पहले दिन ही समाहरणालय के कई कर्मी एवं पदाधिकारी डीएम की कार्यशैली जानने के लिए परेशान दिखे।