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विधिक सेवा सप्ताह में त्वरित न्याय पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश देगें जोर

औरंगाबाद। देश के नागरिकों के लिये उचित निष्पक्ष और न्याय प्रक्रिया सुनिश्चित करने हेतु जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष 9 नवंबर को राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस मनाया जाता है। इसी सिलसिलें में औरंगाबाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने इस अवसर पर जिला विधिक प्राधिकार के तहत अगले सप्ताह में होने वाले विविध कार्यक्रमों की जानकारी देते हुये कहा कि प्राधिकार का मुख्य उद्देश्य लोगों के छोटे-छोटे विवादों को समझौते के आधार पर निस्तारित कराना है। इसके साथ ही लोगों को कानूनी सहायता नि:शुल्क उपलब्ध कराना है। लोग अपने अधिकारों को पहचाने और उसका लाभ उठाएं। योजनाओं से वंचित वास्तविक लाभुक, पीड़ित, आर्थिक रूप से कमजोर, दिव्यांग, असमर्थ, उत्पीड़न व यौन हिंसा के शिकार महिलाएं आदि को नि:शुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए जानकारी दी जाएगी। कहा कि प्राधिकार का उदेश्य आम आदमी से संपर्क कर उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के बारे में उन्हें जागरूक करना है। जानकारी के अभाव में लोग किसी लाभ से वंचित न रह जाएं जिसका समुचित जानकारी उन्हें प्रदान किया जाएंगा। प्राधिकार के विविध कार्यक्रमों के तहत गांव-गांव घूमकर आम आदमी से जुड़े मामलों का निराकरण किया जाएगा। इस सप्ताह हमारी प्रयास होगी कि पीएलबी के तहत अधिक से अधिक लोगों को संबंधित जागरूकता या उनकी समस्याओं का निराकरण किया जा सके। इस दौरान पारिवारिक या समाजिक मामले या फिर आपसी विवाद के मामलों को आपसी सहमति या समझौते के आधार पर निष्पादन किया जाएगा। इसके अलावा राज्य एवं केंद्र सरकार की कई योजनाओं का लाभ लोगों को कैसे प्राप्त हो उसका उपाय किया जाएगा। वहीं मानसिक तौर पर विकलांग बच्चों या व्यक्तियों को उपचार सिविल सर्जन के द्वारा अनुभवी डॉक्टरों से करवाया जाएगा। कहा कि जिन बुजुर्ग के बच्चे या परिवार बाहर रहते हो उन्हें इस बीच कोई शारिरिक या मानसिक तौर पर कोई तंग तो, नहीं कर रहा है। इस बात की जानकारी चौकीदारों के माध्यम से प्राप्त की जाएगी। वहीं यदि कोई किसी का जमीन अतिक्रमण कर रखा हो तो, उसे बचाने का प्रयास किया जाएगा। कहा कि यदि लोग कानून के संदर्भ में चलना शुरू कर दें तो अपराध स्वतः कम हो जाएंगे। उनका मानना है कि यदि किसी बच्चे को जन्म लेने से पहले उचित ढंग से उसका परवरिश किया जाएं तो, उसे अपराधी बनने के अवसर नहीं रह जाएंगे। इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव प्रणव शंकर मौजूद थे।

 

 

 

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