राजनीति

भाजपा के इशारे पर एनआईए की रेड, संवैधानिक संस्थाओं का कर रही हैं दुरुपयोग

औरंगाबाद। रेड के बाद खाली हाथ लौटी एनआईए की टीम को ज़िला पार्षद प्रतिनिधि व राजद नेता श्याम सुंदर ने भाजपा के इशारे पर कार्य करने वाली एक संस्था बताया हैं। यह बातें उन्होंने ज़िला परिषद सभागार औरंगाबाद में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कहा है। आगे उन्होंने कहा कि माओवादी नेता विजय आर्या हमारे ससुर हैं, लेकिन अब तक उनके खिलाफ सरकार कोई साक्ष्य नहीं जुटा पाई है। लोग जानते हैं कि देश में समांतवाद विरोधी लड़ाईयां लड़ी जा रहे हैं, उसके अगुवा दस्ते में विजय आर्य शामिल हैं। वे कई बार जेल गए, लेकीन साक्ष्य के अभाव में जेल से रिहा हुए। लेकीन सच तो यह है कि भाजपा सरकार अपने वैचारिक विरोधियों को राजनीतिक हत्या करने पर तुली हुई है, यह पहला मामला नहीं है जब अपने विरोधियों के साथ इस तरह से पेश आई है।

उन्होंने कहा कि भाजपा एनआईए का सहारा लेकर अपने विरोधियों को आवाज दबाने की यथा संभव कोशिश में लगी रहतीं है। लेकिन हम कहीं से दबाने और डरने वाले नहीं। बल्कि जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले हैं। भाजपा ने जिस तरह से संवैधानिक संस्थाओं एवं सार्वजनिक एजेंसियों का दुरुपयोग किया है, वो बेहद शर्मनाक है। भारत के लोकतंत्र में पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। इस तरह की छापेमारी डर का माहौल बनाने के लिए की जाती है। जबकि किसी भी एजेंसी को लोगों को डराने का अधिकार नहीं है।

छापेमारी के दौरान एनआईए अधिकारी को कुछ नहीं मिला तो हमारी कुछ महत्वपूर्ण पुस्तकें अपने साथ ले गए जिसे देश और दुनिया के कई महान लेखक, प्रबुद्ध व समाज सुधारकों द्वारा लिखे गए हैं, एक पुस्तक (भगवा फासीवाद का राजनीति स्वरूप) ऐसा है जिसे औरंगाबाद के रफीगंज से पूर्व विधायक अशोक सिंह के पिता रामाधार सिंह ने लिखा है, उसे भी वह अपने साथ ले गए। इसके अलावा भारत का आसमान में लाल तारा, लाल किंग्स, चीन का समाजवादी प्रयोग, ऑपरेशन ग्रीन हंट, सीपीआई, फांसी का फंदा समेत कई अन्य महत्वपूर्ण पुस्तकें शामिल है। यह कहां की नीतिगत बात है।

उन्होंने कहा कि यदि पढ़ने वाला दोषी है तो फिर लिखने वाला दोषी क्यों नहीं? केन्द्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोग निहित स्वार्थ के अनुसार काम कर रहे हैं। अपने मतलब और सुविधा के अनुसार छापामारी करवाते हैं। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ तो ईडी, आईबी के जरिए कार्रवाई करती है लेकिन जब वहीं राजनीतिक प्रतिद्वंदी भाजपा में शामिल हो जाते हैं तो उन्हें आरोपों से मुक्ति मिल जाती है। इस अवसर पर जिला पार्षद शंकर यादव, सुरेंद्र यादव, शोभा कुमारी समेत अन्य उपस्थित थे।

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