
मगध हेडलाइंस: औरंगाबाद। एनएच-19 को सिक्स लेन बनाया जा रहा है। हाइवे पार करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण औरंगाबाद शहर के पिपरडीह मोड़ पर दुर्घटनाओं का सिलसिला जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से उस जगह पर ना ही ओवरब्रिज बना और ना ही हाइवे पर चढ़ने वाले के लिए मार्ग को बंद किया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों की संवेदना नहीं जग रही है। मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन व परिवहन विभाग के अधिकारी भी उदासीन बने हुए हैं। बता दें कि शुक्रवार की देर शाम हाईवे पार करने में पिपरडीह गांव का निवासी राजद वरीय नेता उदय उज्जवल के छोटे भाई अजय यादव की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। उस जगह पर पूर्व में भी कई दुर्घटनाएं घट चुकी हैं जिनमें कई लोगों की जान भी जा चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पिपरडीह मोड़ पर ओवरब्रिज या अंडरपास बना रहता तो इतनी दुर्घटनाएं नहीं होती, जिन लोगों को हाईवे के ऊपर चलकर सड़क को पार करना पड़ रहा है वे ओवरब्रिज या अंडरपास से होकर सुरक्षित आर पार चले जाते। पूर्व में स्थानीय लोगों की मांग पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के तत्कालीन अधिकारियों ने अंडरपास के निर्माण का उस समय आश्वासन भी दिया। लेकिन आज तक ना ही ओवरब्रिज का निर्माण कराया गया। जबकि इलाके में मौजूदा समय में जिन स्थानों पर आबादी का घनत्व अपेक्षाकृत कम है, वहां पर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू कर दिया गया है, या निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। लेकिन सघन आबादी वाला क्षेत्र होने के बावजूद पीपरडीह मोड़ के पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। वह मार्ग सीधे देव को जोड़ती है जिससे सैकड़ों गांव प्रभावित है।
घटना की सूचना पर पहुंचे सांसद अभय कुशवाहा, गोह विधायक अमरेंद्र कुशवाहा, पूर्व सदर विधायक आनंद शंकर सिंह, जिला पार्षद शंकर यादव, जिला पार्षद अनिल यादव, राजद वरीय नेता ई. सुबोध कुमार सिंह, उप प्रमुख बादशाह यादव, युवा राजद नेता संतोष यादव, पूर्व कॉपरेटिव अध्यक्ष संजय यादव सहित अन्य बड़ी संख्या में पहुंचे और पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी। सांसद अभय कुशवाहा ने हादसे पर गहरा दुख जताया और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में, मैं उनके परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। यह अत्यंत दुखद और हृदय विदारक घटना है। उन्होंने कहा कि पिपराडीह मोड़ पर सड़क सुरक्षा संबंधित संरचना के अभाव में लगातार दुर्घटनाएं हो रही है। ओवरब्रिज या अंडरपास का निर्माण एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। स्थानीय लोगों की मांग के अनुसार एनएचएआई के आधिकारियों को वैकल्पिक व्यवस्था करना चाहिए, ताकि लोगों को अकारण मृत्यु से बचाया जा सके।






