
मगध हेडलाइंस: औरंगाबाद। बिहार की राजधानी पटना में शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही नीट की छात्रा की हत्या के बाद पटना के ही एक अन्य हॉस्टल में औरंगाबाद जिले की रहने वाली 15 साल की छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। मृतक छात्रा भी नीट की तैयारी कर रही थी। इस पर मंगलवार को सर्किट हाउस में सांसद अभय कुशवाहा ने आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़ा किया है। सांसद श्री कुशवाहा ने कहा कि हॉस्टल, पीजी और छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस निगरानी तंत्र की जरूरत है। दोनों घटना की जितनी निंदा की जाएं कम है। यह काफी दुखद घटना है। सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जो नेता जंगलराज और शाम पांच बजे का जिक्र करते हैं, उन्हें बताना चाहिए कि यह कैसा सुशासन है। इनका बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सिर्फ़ छलावा है। जबकि हमारे नेता तेजस्वी प्रसाद यादव हमेशा छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। उन्होंने कहा कि मामले में परिजनों को डराना-धमकाना कहीं से उचित नहीं है। इसके पूर्व बनारस में स्नेहा कुशवाहा के साथ घटना हुई थी, जो काफी निंदनीय है। ऐसे में बेटियों की सुरक्षा के लिए कड़े कानून बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की और इसके लिए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से हस्तक्षेप करने को कहा। पटना में संचालित गर्ल्स हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा, अधिकांश हॉस्टल बिना उचित लाइसेंस और सुरक्षा मानकों के चल रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सभी गर्ल्स हॉस्टलों के लाइसेंस की जांच होनी चाहिए और इल्लीगल हॉस्टल पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने सरकार से मांग की है कि गठित जांच टीम में किसी न्यायाधीश को शामिल की जाएं।







