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शांतिपूर्ण होगा पंचायत चुनाव, जाने क्या कुछ हैं खास, तैयारी पूर्ण

औरंगाबाद। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी को लेकर निर्वाचन आयोग कार्यालय में जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने प्रेस वार्ता की। इस मौके पर पुलिस अधिक्षक कांतेश कुमार मिश्रा, जन सूचना संपर्क पदाधिकारी कृष्ण कुमार एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी मो. इकबाल मौजूद रहे। सौरभ जोरवाल ने कहा कि चुनाव की तैयारी पूर्ण कर ली गई है। जिले में लगभग 16.5 लाख मतदाता है जिसको लेकर 2941 मतदान केन्द्र बनाये गये है। इन सभी केन्द्रो पर आवश्यकतानुसार पुलिस बल तैनात रहेगी। ताकि शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराये जाए। औरंगाबाद जिले के 11 प्रखण्डों में की चुनाव प्रकिया 10 चरणों में सम्पन्न कराये जाएगें। प्रथम चरण में औरंगाबाद 24.09.2021 को मतदान कराये जाएगें। इसके अलावा नवीनार में 29.09.21 को, बारूण में 08.10.2021, रफीगंज में 20.10.21, दाउदनगर में 24.10.21, गोह में 03.11.21, मदनपुर में 15.11.21, ओबरा में 24.11.2021, हसपुरा में 29.11.21 को एवं देव व कुटुम्बा में 08.11.21 को मतदान कराये जाएगें।

आदर्श आचार संहिता लागू: 

श्री जोरवाल ने कहा कि कल से ही आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है जो मतगणना संपन्न होने तक लागु रहेगें। इस दौरान धार्मिक भाषाई भावनाओं का सहारा नहीं लिया जाएगा। इसके आलावा उपासना स्थल का प्रयोग चुनाव प्रचार हेतु नहीं, किसी व्यक्ति के जीवन की आलोचना नही की जाएगी। उसकी नीति और कार तक सीमित रहे। पोस्टर, इश्तेहार, पैम्पलेट आदि पर मुद्रक और प्रकाशक का नाम होना अनिवार्य होगा। किसी भी निजी संपत्ति ( भवन भूमि दीवार आदि) का उपयोग डंडा टांगने, पोस्टर चिपकाने या नारा लिखने आदि चुनाव प्रचार कार्य के लिए नहीं किया जाएगा। सार्वजनिक संपत्ति का उपयोग सर्वथा वर्जित है। अभ्यार्थी अपने आवास कार्यालय प्रचार वाहन पर झंडा बैनर आदि का उपयोग कर सकता है। किसी राजनीतिक दल के नाम यह झंडे की आड़ में चुनाव प्रचार नहीं किया जाएगा।

सभा के लिए लेनी होगी अनुमति : 

श्री जोरवाल ने कहा कि सभा के लिए सक्षम अधिकारी ( निर्वाची पदाधिकारी) से अनुमति लेना होगा। लाउडस्पीकर प्रातः 06 बजे से रात्रि 10 बजे तक की अनुमति है। इसके अलावा अनुमंडल पदाधिकारी के बिना अनुमति के बिना लाउडस्पीकर के प्रयोग नहीं किया जाएगा। साथ ही नुक्कड़ सभा के लिए निर्वाची पदाधिकारी से अनुमति आवश्यक है। इस दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल का अनुपालन भी करना है और जूलूस के लिए अनुमति निर्वाची पदाधिकारी से लेना होगा। जुलूस का उद्गम रूट, समय, समाप्ति आदि की सूचना निवार्ची पदाधिकारी को तथा स्थानीय पुलिस को देनी होगी। जुलूस के साथ लाठी , हथियार आदि लेकर चलना प्रतिबंधित है।

पदाधिकारी एवं कर्मियों को निर्देश: 

वहीं श्री जोरवाल ने कहा कि सरकारी पदाधिकारी एवं कर्मियों को किसी मंत्री के निजी मकान पर आयोजित किसी कार्यक्रम में भाग नहीं लेना है। सरकारी भवन, परिसर का चुनाव प्रचार एवं बैठक की अनुमति नहीं है। पंचायत के पदाधिकारी (अध्यक्ष -उपाध्यक्ष) के साथ क्षेत्रीय भ्रमण में नहीं रहना है। (प्राकृतिक प्रकोप व घटना छोड़कर) श्री जोरवाल ने कहा नवीन योजनाओं की स्वीकृति एवं कार्यान्वयन पर रोक लगाई जाएगी। पंचायती राज संस्था द्वारा कार्यान्वित योजना यथो- मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण गली-नली एकीकरण निश्चय योजना, 15 वें वित्त आयोग से प्राप्त निधि से पंचायती राज संस्थाओं द्वारा संचालित योजनाएं, ग्रामीण क्षेत्र में सोलर लाइट योजना यदि पूर्व स्वीकृत और योजना का क्रियान्वयन शुरू हो गया है उस पर रोक नहीं लेकिन नए सिरे से स्वीकृति अथवा स्वीकृति प्राप्त योजना का कार्य प्रारंभ पर रोक होगी जिन योजनाओं में पंचायती राज प्रतिनिधियों की प्रत्यक्ष या परोक्ष भूमिका हो जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना उपयुक्त आधार पर प्रारंभ, क्रियान्वयन नहीं होगा। किसी विशेष समुदाय के लिए छात्रावास, विद्यालय या अन्य प्रकार के कल्याणकारी योजनाएं, सामान्य विकास योजनाओं के तहत नहीं आएगी परंतु निर्वाचन प्रक्रिया समाप्त होने तक ग्रामीण क्षेत्र में सामान विकास योजनाओं यथा- सड़क शिक्षा पेयजल स्वास्थ्य विद्युतीकरण महिला एवं बाल कल्याण आदि के क्रियान्वयन शिलान्यास अथवा उद्घाटन पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। आंगनवाड़ी सेविका, सहायिका चयन पर प्रतिबंध रहेगा। सांसद-विधायक निधि से नई योजनाओं की स्वीकृति एवं क्रियान्वयन पर प्रतिबंध रहेगा। श्री जोरवाल ने अंत में कहा कि अंतर राष्ट्रीय राजमार्ग व राजमार्ग का कार्य पर रोक नहीं होगा। इसके अलावा मनरेगा अंतर्गत, कार्यक्रम परंतु जब तक चालू योजना में कार्य दिया जा सकता है तब तक कोई नई योजना सक्षम प्राधिकार द्वारा आरंभ नहीं की जा सकेगी। सक्षम प्राधिकार भी जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) स्वीकृति प्राप्त करेंगे। अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय वित्तीय शाखाओं से सहयोग प्राप्त योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आपात योजनाओं पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। एसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा कि चुनाव की तैयारी पूर्ण कर ली गई है। इस बार बिहार पुलिस के साथ-साथ बीएमपी के जवान और होमगार्ड के जवान ही पूरी मुस्तैदी से जुटे रहेंगे। हमारी कोशिश रहेगी कि जिले की स्थिति का आंकलन करते हुए, चुनाव में कानून-व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए जरूरी इंतजाम किए गये है। चुनाव के दौरान कोई भी असामाजिक तत्व किसी तरह का व्यवधान उत्पन्न नहीं करें, जिलों में कोई भी अप्रिय घटना नहीं हो, इसका खास ख्याल रखा जाएगा। खासकर असामाजिक तत्व व आपराधिक छवि के लोगों पर जो चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं उन सभी विशेष नगर रखी जाएगी।

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